उत्तर प्रदेश की ऊँची उड़ान: एशिया के सबसे बड़े 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का 28 मार्च को आगाज़

उत्तर प्रदेश की ऊँची उड़ान: एशिया के सबसे बड़े 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का 28 मार्च को आगाज़

Asia Largest Noida International Airport

Asia's Largest 'Noida International Airport

  1. उत्तर प्रदेश में नौ वर्ष में एअर कनेक्टिविटी पहले के दोगुनी के भी अधिक

  2. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को क्षेत्र नो फ्लाइंग जोन घोषित

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च को एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं। यह तारीख लगभग फाइनल मानकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार की नौ वर्ष की उपलब्धियों के संकलन ‘नवनिर्माण के नौ वर्ष’ पुस्तक के बुधवार को लोक भवन में विमोचन के बाद के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को लेकर यह जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ वर्ष में एअर कनेक्टिविटी पहले के दोगुनी के भी अधिक हो गई है। उत्तर प्रदेश में अभी 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट और चार इंटरनेशल इंटरनेशनल एयरपोर्ट संचालित हैं। एशिया का सबसे बड़ा और उत्तर प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बना है। हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 28 मार्च को इसके उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है।

गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन के साथ एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा हो जाएगा। यह पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता (एक रनवे) के साथ शुरू होगा, जो पूरी तरह विकसित होने पर पांच रनवे तक जाएगा। यह जेवर के पास 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में बना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा है। यह दिल्ली-एनसीआर का तीसरा प्रमुख हवाईअड्डा होगा, जो प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ एक रनवे से परिचालन शुरू करेगा। इसे ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने विकसित किया है और यह एशिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा है। इसको कार्बन-न्यूट्रल और एकीकृत मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में डिजाइन किया गया है।

जेवर एयरपोर्ट के प्रमुख विवरण

स्थान: जेवर, गौतम बुद्ध नगर (यमुना एक्सप्रेसवे के पास), यूपी।
संचालक: यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (ज़्यूरिख़ एयरपोर्ट एजी)।
कनेक्टिविटी: इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर से जोड़ा जाएगा।
क्षमता: पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्री सालाना, जो बाद में सात करोड़ से अधिक हो सकती है।
विशेषताएं: यह एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जो पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी और आधुनिक तकनीक से लैस है।
यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) का दबाव कम करेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को बढ़ावा देगा।

जेवर एयरपोर्ट नो फ्लाइंग जोन घोषित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' अब अपने संचालन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी और पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियों का खाका खींचा गया। इसमें सुरक्षा को लेकर कई कड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं। एयरपोर्ट क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया। यहां ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

एयरपोर्ट की परिधि से 18 किलोमीटर की दूरी तक लेजर लाइट का संचालन प्रतिबंधित होगा, ताकि विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में कोई जोखिम न रहे। यमुना प्राधिकरण और नगर पालिका जेवर को निर्देश दिए गए हैं कि एयरपोर्ट के आसपास कूड़े का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से हो, ताकि पक्षियों का खतरा कम रहे और स्वच्छता के मानक पूरे हों।